VBI पंचांग

शुभ मुहूर्त — 4 अक्टूबर 2026 नई दिल्ली

रविवार, 4 अक्टूबर 2026 · आश्विन कृष्ण नवमी · विक्रम संवत 2083

शुभ समय

अभिजीत मुहूर्तसुबह 11:46 – दोपहर 12:33
ब्रह्म मुहूर्तसुबह 4:38 – 5:27
विजय मुहूर्तदोपहर 2:08 – 2:55
गोधूलि मुहूर्तशाम 6:04 – 6:28

अशुभ समय

राहु कालशाम 4:35 – 6:04
यमगंडदोपहर 12:10 – 1:38
गुलिक कालदोपहर 3:07 – शाम 4:35

राहु काल पूरे हफ़्ते का →

शुभ चौघड़िया

  • लाभ सुबह 9:13 – 10:41
  • अमृत सुबह 10:41 – दोपहर 12:10
  • शुभ दोपहर 1:38 – 3:07
  • शुभ शाम 6:04 – 7:36
  • अमृत शाम 7:36 – रात 9:07
  • लाभ रात 1:41 – 3:13 (5 अक्टू.)
  • शुभ सुबह 4:44 – 6:16 (5 अक्टू.)

पूरा चौघड़िया (दिन और रात) →

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदयसुबह 6:15
सूर्यास्तशाम 6:04
चंद्रोदयरात 12:40 (5 अक्टू.)
चंद्रास्तदोपहर 1:58

पंचांग संक्षेप में

तिथिकृष्ण नवमी — रात 3:54 (5 अक्टू.) तक
कृष्ण दशमी — रात 2:08 (6 अक्टू.) तक
नक्षत्रपुनर्वसु — रात 12:14 (5 अक्टू.) तक
पुष्य — रात 11:09 (5 अक्टू.) तक
योगपरिघ — दोपहर 12:32 तक
शिव — सुबह 9:51 (5 अक्टू.) तक
चंद्र राशिमिथुन — शाम 6:32 तक
कर्क — रात 10:17 (6 अक्टू.) तक

पूरा पंचांग →

शुभ मुहूर्त कैसे देखें

शुभ मुहूर्त वह समय है जिसे पंचांग के हिसाब से किसी काम की शुरुआत के लिए अच्छा माना जाता है। ये सारे समय सूर्योदय और सूर्यास्त से निकलते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं — ऊपर अपना शहर चुन लें।

अभिजीत मुहूर्त दोपहर के आसपास का समय है: दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) को 15 बराबर मुहूर्तों में बाँटने पर आठवाँ मुहूर्त। बुधवार को इसे नहीं लिया जाता। ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले का समय है, जिसे पूजा, ध्यान और पढ़ाई के लिए अच्छा माना जाता है।

राहु काल, यमगंड और गुलिक काल में नया काम शुरू करने से बचा जाता है। दिन में इनके अलावा अमृत, शुभ और लाभ चौघड़िया अच्छे माने जाते हैं।