VBI पंचांग पर रोज़ का शुभ मुहूर्त, चौघड़िया, राहु काल और पंचांग मिलता है। सारे समय आपके चुने शहर के सूर्योदय और सूर्यास्त से निकाले जाते हैं, इसलिए हर शहर के समय अलग होते हैं। अभी 100 से ज़्यादा भारतीय शहर उपलब्ध हैं।
गणना कैसे होती है
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति Swiss Ephemeris से निकाली जाती है। नक्षत्र, योग और राशि के लिए लाहिरी (चित्रपक्ष) अयनांश लिया जाता है। सूर्योदय और सूर्यास्त वह पल है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखता है (वायुमंडल के अपवर्तन सहित)। चंद्रोदय चंद्रमा के बिंब के केंद्र से लिया जाता है।
चौघड़िया, राहु काल, यमगंड, गुलिक काल और अभिजीत, ब्रह्म, विजय व गोधूलि मुहूर्त परंपरागत नियमों से दिन और रात की लंबाई बाँटकर निकलते हैं। अलग-अलग पंचांगों में गणना के छोटे अंतर से समय एक-दो मिनट आगे-पीछे हो सकता है।
यह जानकारी परंपरा और आस्था के लिए है। किसी बड़े फ़ैसले के लिए अपने पंडित या ज्योतिषी से सलाह ज़रूर लें।