राहु काल कैसे निकलता है
सूर्योदय से सूर्यास्त तक के दिन को 8 बराबर हिस्सों में बाँटा जाता है। राहु काल हर वार एक तय हिस्सा होता है: सोमवार को दूसरा, शनिवार को तीसरा, शुक्रवार को चौथा, बुधवार को पाँचवाँ, गुरुवार को छठा, मंगलवार को सातवाँ और रविवार को आठवाँ हिस्सा। इसलिए राहु काल का समय शहर और मौसम के साथ बदलता है — सर्दियों में दिन छोटा होने से यह छोटा हो जाता है।
परंपरा में राहु काल में नया काम, यात्रा या ख़रीदारी की शुरुआत नहीं की जाती। जो काम पहले से चल रहा है, उसे रोकने की ज़रूरत नहीं मानी जाती।