VBI पंचांग

शुभ मुहूर्त — 1 दिसंबर 2026 नई दिल्ली

मंगलवार, 1 दिसंबर 2026 · मार्गशीर्ष कृष्ण अष्टमी · विक्रम संवत 2083

शुभ समय

अभिजीत मुहूर्तसुबह 11:49 – दोपहर 12:31
ब्रह्म मुहूर्तसुबह 5:08 – 6:02
विजय मुहूर्तदोपहर 1:55 – 2:37
गोधूलि मुहूर्तशाम 5:24 – 5:51

अशुभ समय

राहु कालदोपहर 2:47 – शाम 4:06
यमगंडसुबह 9:33 – 10:51
गुलिक कालदोपहर 12:10 – 1:29

राहु काल पूरे हफ़्ते का →

शुभ चौघड़िया

  • लाभ सुबह 10:51 – दोपहर 12:10
  • अमृत दोपहर 12:10 – 1:29
  • शुभ दोपहर 2:47 – शाम 4:06
  • लाभ शाम 7:06 – रात 8:47
  • शुभ रात 10:29 – 12:10 (2 दिसं.)
  • अमृत रात 12:10 – 1:52 (2 दिसं.)

पूरा चौघड़िया (दिन और रात) →

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदयसुबह 6:56
सूर्यास्तशाम 5:24
चंद्रोदयरात 12:42 (2 दिसं.)
चंद्रास्तदोपहर 12:33

पंचांग संक्षेप में

तिथिकृष्ण अष्टमी — रात 11:14 तक
कृष्ण नवमी — रात 10:52 (2 दिसं.) तक
नक्षत्रमघा — सुबह 9:00 तक
पूर्वा फाल्गुनी — सुबह 8:55 (2 दिसं.) तक
योगवैधृति — दोपहर 12:15 तक
विष्कुंभ — सुबह 10:31 (2 दिसं.) तक
चंद्र राशिसिंह — दोपहर 2:59 (2 दिसं.) तक

पूरा पंचांग →

शुभ मुहूर्त कैसे देखें

शुभ मुहूर्त वह समय है जिसे पंचांग के हिसाब से किसी काम की शुरुआत के लिए अच्छा माना जाता है। ये सारे समय सूर्योदय और सूर्यास्त से निकलते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं — ऊपर अपना शहर चुन लें।

अभिजीत मुहूर्त दोपहर के आसपास का समय है: दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) को 15 बराबर मुहूर्तों में बाँटने पर आठवाँ मुहूर्त। बुधवार को इसे नहीं लिया जाता। ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले का समय है, जिसे पूजा, ध्यान और पढ़ाई के लिए अच्छा माना जाता है।

राहु काल, यमगंड और गुलिक काल में नया काम शुरू करने से बचा जाता है। दिन में इनके अलावा अमृत, शुभ और लाभ चौघड़िया अच्छे माने जाते हैं।