VBI पंचांग

शुभ मुहूर्त — 4 नवंबर 2026 नई दिल्ली

बुधवार, 4 नवंबर 2026 · कार्तिक कृष्ण दशमी · विक्रम संवत 2083

शुभ समय

अभिजीत मुहूर्तबुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं माना जाता
ब्रह्म मुहूर्तसुबह 4:51 – 5:43
विजय मुहूर्तदोपहर 1:54 – 2:38
गोधूलि मुहूर्तशाम 5:34 – 6:00

अशुभ समय

राहु कालदोपहर 12:05 – 1:27
यमगंडसुबह 7:57 – 9:20
गुलिक कालसुबह 10:42 – दोपहर 12:05

राहु काल पूरे हफ़्ते का →

शुभ चौघड़िया

  • लाभ सुबह 6:35 – 7:57
  • अमृत सुबह 7:57 – 9:20
  • शुभ सुबह 10:42 – दोपहर 12:05
  • लाभ शाम 4:12 – 5:34
  • शुभ शाम 7:12 – रात 8:50
  • अमृत रात 8:50 – 10:27
  • लाभ रात 3:20 – सुबह 4:58 (5 नवं.)

पूरा चौघड़िया (दिन और रात) →

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदयसुबह 6:35
सूर्यास्तशाम 5:34
चंद्रोदयरात 2:47 (5 नवं.)
चंद्रास्तदोपहर 2:31

पंचांग संक्षेप में

तिथिकृष्ण दशमी — सुबह 11:03 तक
कृष्ण एकादशी — सुबह 10:36 (5 नवं.) तक
नक्षत्रपूर्वा फाल्गुनी — रात 3:30 (5 नवं.) तक
उत्तरा फाल्गुनी — रात 3:56 (6 नवं.) तक
योगब्रह्म — सुबह 8:01 तक
इंद्र — सुबह 6:26 (5 नवं.) तक
वैधृति — सुबह 5:09 (6 नवं.) तक
चंद्र राशिसिंह — सुबह 9:34 (5 नवं.) तक

पूरा पंचांग →

शुभ मुहूर्त कैसे देखें

शुभ मुहूर्त वह समय है जिसे पंचांग के हिसाब से किसी काम की शुरुआत के लिए अच्छा माना जाता है। ये सारे समय सूर्योदय और सूर्यास्त से निकलते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं — ऊपर अपना शहर चुन लें।

अभिजीत मुहूर्त दोपहर के आसपास का समय है: दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) को 15 बराबर मुहूर्तों में बाँटने पर आठवाँ मुहूर्त। बुधवार को इसे नहीं लिया जाता। ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले का समय है, जिसे पूजा, ध्यान और पढ़ाई के लिए अच्छा माना जाता है।

राहु काल, यमगंड और गुलिक काल में नया काम शुरू करने से बचा जाता है। दिन में इनके अलावा अमृत, शुभ और लाभ चौघड़िया अच्छे माने जाते हैं।