VBI पंचांग

शुभ मुहूर्त — 31 अक्टूबर 2026 नई दिल्ली

शनिवार, 31 अक्टूबर 2026 · कार्तिक कृष्ण षष्ठी · विक्रम संवत 2083

शुभ समय

अभिजीत मुहूर्तसुबह 11:42 – दोपहर 12:27
ब्रह्म मुहूर्तसुबह 4:49 – 5:40
विजय मुहूर्तदोपहर 1:55 – 2:40
गोधूलि मुहूर्तशाम 5:37 – 6:03

अशुभ समय

राहु कालसुबह 9:18 – 10:41
यमगंडदोपहर 1:28 – 2:51
गुलिक कालसुबह 6:32 – 7:55

राहु काल पूरे हफ़्ते का →

शुभ चौघड़िया

  • शुभ सुबह 7:55 – 9:18
  • लाभ दोपहर 1:28 – 2:51
  • अमृत दोपहर 2:51 – शाम 4:14
  • लाभ शाम 5:37 – 7:14
  • शुभ रात 8:51 – 10:28
  • अमृत रात 10:28 – 12:05 (1 नवं.)
  • लाभ सुबह 4:56 – 6:33 (1 नवं.)

पूरा चौघड़िया (दिन और रात) →

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदयसुबह 6:32
सूर्यास्तशाम 5:37
चंद्रोदयरात 10:32
चंद्रास्तसुबह 11:54

पंचांग संक्षेप में

तिथिकृष्ण षष्ठी — शाम 4:57 तक
कृष्ण सप्तमी — दोपहर 2:52 (1 नवं.) तक
नक्षत्रआर्द्रा — सुबह 7:12 तक
पुनर्वसु — सुबह 5:39 (1 नवं.) तक
पुष्य — सुबह 4:30 (2 नवं.) तक
योगसिद्ध — शाम 5:31 तक
साध्य — दोपहर 2:39 (1 नवं.) तक
चंद्र राशिमिथुन — रात 12:00 (1 नवं.) तक
कर्क — रात 3:46 (3 नवं.) तक

पूरा पंचांग →

शुभ मुहूर्त कैसे देखें

शुभ मुहूर्त वह समय है जिसे पंचांग के हिसाब से किसी काम की शुरुआत के लिए अच्छा माना जाता है। ये सारे समय सूर्योदय और सूर्यास्त से निकलते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं — ऊपर अपना शहर चुन लें।

अभिजीत मुहूर्त दोपहर के आसपास का समय है: दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) को 15 बराबर मुहूर्तों में बाँटने पर आठवाँ मुहूर्त। बुधवार को इसे नहीं लिया जाता। ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले का समय है, जिसे पूजा, ध्यान और पढ़ाई के लिए अच्छा माना जाता है।

राहु काल, यमगंड और गुलिक काल में नया काम शुरू करने से बचा जाता है। दिन में इनके अलावा अमृत, शुभ और लाभ चौघड़िया अच्छे माने जाते हैं।