VBI पंचांग

शुभ मुहूर्त — 21 अक्टूबर 2026 नई दिल्ली

बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 · आश्विन शुक्ल दशमी · विक्रम संवत 2083

शुभ समय

अभिजीत मुहूर्तबुधवार को अभिजीत मुहूर्त नहीं माना जाता
ब्रह्म मुहूर्तसुबह 4:44 – 5:35
विजय मुहूर्तदोपहर 1:59 – 2:44
गोधूलि मुहूर्तशाम 5:46 – 6:11

अशुभ समय

राहु कालदोपहर 12:06 – 1:31
यमगंडसुबह 7:50 – 9:15
गुलिक कालसुबह 10:41 – दोपहर 12:06

राहु काल पूरे हफ़्ते का →

शुभ चौघड़िया

  • लाभ सुबह 6:25 – 7:50
  • अमृत सुबह 7:50 – 9:15
  • शुभ सुबह 10:41 – दोपहर 12:06
  • लाभ शाम 4:21 – 5:46
  • शुभ शाम 7:21 – रात 8:56
  • अमृत रात 8:56 – 10:31
  • लाभ रात 3:16 – सुबह 4:51 (22 अक्टू.)

पूरा चौघड़िया (दिन और रात) →

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदयसुबह 6:25
सूर्यास्तशाम 5:46
चंद्रोदयदोपहर 2:55
चंद्रास्तरात 2:19 (22 अक्टू.)

पंचांग संक्षेप में

तिथिशुक्ल दशमी — दोपहर 2:12 तक
शुक्ल एकादशी — दोपहर 2:48 (22 अक्टू.) तक
नक्षत्रधनिष्ठा — शाम 7:48 तक
शतभिषा — रात 8:49 (22 अक्टू.) तक
योगगंड — रात 12:33 (22 अक्टू.) तक
वृद्धि — रात 11:39 (22 अक्टू.) तक
चंद्र राशिमकर — सुबह 7:00 तक
कुंभ — दोपहर 3:04 (23 अक्टू.) तक

पूरा पंचांग →

शुभ मुहूर्त कैसे देखें

शुभ मुहूर्त वह समय है जिसे पंचांग के हिसाब से किसी काम की शुरुआत के लिए अच्छा माना जाता है। ये सारे समय सूर्योदय और सूर्यास्त से निकलते हैं, इसलिए हर शहर में अलग होते हैं — ऊपर अपना शहर चुन लें।

अभिजीत मुहूर्त दोपहर के आसपास का समय है: दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) को 15 बराबर मुहूर्तों में बाँटने पर आठवाँ मुहूर्त। बुधवार को इसे नहीं लिया जाता। ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले का समय है, जिसे पूजा, ध्यान और पढ़ाई के लिए अच्छा माना जाता है।

राहु काल, यमगंड और गुलिक काल में नया काम शुरू करने से बचा जाता है। दिन में इनके अलावा अमृत, शुभ और लाभ चौघड़िया अच्छे माने जाते हैं।